सुकन्या समृद्धि योजना पर सरकार का बड़ा अपडेट
नई दिल्ली। देश की बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) लाखों परिवारों के बीच लोकप्रिय बनी हुई है। इस योजना को लेकर सरकार ने अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए ब्याज दरों की स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। अब इस योजना में निवेश करने वालों को 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता रहेगा।
वित्त मंत्रालय की ओर से 30 सितंबर 2026 को जारी घोषणा के अनुसार, छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक पहले की तरह बरकरार रहेंगी। ऐसे में बेटियों के नाम पर खाता खुलवाने वाले अभिभावकों को फिलहाल 8.2 प्रतिशत ब्याज का लाभ मिलता रहेगा।
क्या है सुकन्या समृद्धि योजना?
सुकन्या समृद्धि योजना केंद्र सरकार की एक छोटी बचत योजना है। इसकी शुरुआत 22 जनवरी 2015 को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों की उच्च शिक्षा और भविष्य की आर्थिक जरूरतों के लिए बचत को प्रोत्साहित करना है।
इस योजना में माता-पिता या कानूनी अभिभावक अपनी बेटी के नाम पर खाता खुलवा सकते हैं।
कितनी उम्र की बेटी का खुल सकता है खाता?
- बेटी की उम्र 10 वर्ष से कम होनी चाहिए।
- एक बेटी के नाम पर केवल एक खाता खोला जा सकता है।
- सामान्यतः एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों के लिए खाते खोले जा सकते हैं।
- जुड़वां या तीन बेटियों के जन्म जैसी निर्धारित परिस्थितियों में अतिरिक्त खाते की अनुमति है।
250 रुपये से शुरू कर सकते हैं निवेश
सुकन्या समृद्धि योजना की खास बात यह है कि इसमें छोटी रकम से भी बचत शुरू की जा सकती है।
- न्यूनतम सालाना जमा राशि: 250 रुपये।
- अधिकतम सालाना जमा राशि: 1.50 लाख रुपये।
- जमा राशि 50 रुपये के गुणक में जमा की जा सकती है।
- खाते में 15 साल तक पैसा जमा किया जा सकता है।
- खाते की मैच्योरिटी खाता खोलने की तारीख से 21 साल बाद होती है।
8.2 प्रतिशत ब्याज से बढ़ेगी बचत
अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज निर्धारित है। ब्याज की गणना मासिक आधार पर होती है और वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में जोड़ी जाती है।
इस योजना में मिलने वाला ब्याज सरकार द्वारा निर्धारित तिमाही दर के अनुसार बदल सकता है। इसलिए भविष्य में ब्याज दर में बदलाव संभव है।
बेटी की पढ़ाई के लिए निकाल सकते हैं पैसा
योजना में बेटी की उच्च शिक्षा के लिए आंशिक निकासी की सुविधा भी दी गई है।
नियमों के अनुसार, बेटी के 18 वर्ष की आयु पूरी करने या 10वीं कक्षा पास करने के बाद, जो भी पहले हो, पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में उपलब्ध राशि का अधिकतम 50 प्रतिशत शिक्षा के लिए निकाला जा सकता है। इसके लिए निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं।
टैक्स में भी मिलता है फायदा
सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार टैक्स छूट का लाभ मिलता है। योजना में मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी की रकम भी निर्धारित नियमों के अनुसार टैक्स फ्री होती है। टैक्स कटौती का लाभ लागू आयकर व्यवस्था और पात्रता पर निर्भर करेगा।
कहां खुलवा सकते हैं खाता?
बेटी के अभिभावक नजदीकी डाकघर या अधिकृत बैंक शाखा में जाकर सुकन्या समृद्धि योजना का खाता खुलवा सकते हैं।
खाता खुलवाने के लिए सामान्यतः ये दस्तावेज जरूरी होते हैं:
- बेटी का जन्म प्रमाण पत्र।
- माता-पिता या अभिभावक का पहचान प्रमाण।
- अभिभावक का पता प्रमाण।
- पासपोर्ट साइज फोटो।
- खाता खोलने के लिए निर्धारित आवेदन पत्र।
सरकार की योजना से बेटियों का भविष्य होगा सुरक्षित
सुकन्या समृद्धि योजना उन परिवारों के लिए उपयोगी बचत विकल्प है, जो अपनी बेटियों की शिक्षा और भविष्य के खर्चों के लिए लंबे समय से निवेश करना चाहते हैं। अक्टूबर-दिसंबर 2026 में 8.2 प्रतिशत ब्याज दर बरकरार रहने से इस योजना में निवेश करने वाले परिवारों को राहत मिली है।
नोट: योजना की ब्याज दरों और नियमों में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। खाता खुलवाने से पहले नजदीकी डाकघर या अधिकृत बैंक से नवीनतम जानकारी जरूर प्राप्त करें।